Prajna JyothiPrajna Jyothi

मूकं करोति वाचालं पङ्गुं लङ्घयते गिरिम् ।
यत्कृपा तमहं वन्दे परमानन्द माधवम् ॥

“मैं माधव को नमन करता हूँ, जो परम आनंद हैं, जिनकी कृपा गूँगे को वाक्पटु और लँगड़े को पर्वत लाँघने में सक्षम बना सकती है।”


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